नए श्रम कानूनों के तहत अगर किसी भी कर्मचारी से 15 मिनट भी ज्यादा काम कराया तो कंपनी को ओवरटाइम देना पड़ेगा। वहीं ड्राफ्ट के मुताबिक कामकाज के घंटे बढ़कर 12 हो जाएंगे। मोदी सरकार इन नए नियमों को देश भर में एक अप्रैल 2021 से लागू करने की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि देश के 73 साल के इतिहास में पहली बार इस प्रकार से श्रम कानून में बदलाव किए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि नियोक्ता और श्रमिक दोनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे।
ओवरटाइम के नए नियमों के हिसाब से कामकाजी घंटों के बाद अगर कामगार से 15 मिनट भी ज्यादा काम कराया गया तो उसे ओवरटाइम माना जाएगा। पहले यह दायरा आधा घंटा हुआ करता था। कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट पर हो या फिर स्थाई उस पर लगातार पांच घंटे से ज्यादा काम का दबाव नहीं बनाए जाने के भी प्रावधान तय किए गए हैं। कंपनी के लिए उसे हर पांच घंटे में आधे घंटे का ब्रेक देना जरूरी किया जाएगा। साथ ही ब्रेक का यह समय भी कामकाजी घंटों में ही जोड़ा जाएगा। वहीं, कंपनियों में कर्मचारियों के लिए कैंटीन जरूरी करने और सरकारी योजनाओं को मजबूती से लागू करने के लिए वेलफेयर ऑफिसर नियुक्त करने के नियम तय कर दिए गए हैं।
आपकी सैलरी, पीएफ पर भी पड़ सकता है असर
अगर नए श्रम कानून एक अप्रैल से लागू हुए तो आपकी ग्रेच्युटी, पीएफ और काम के घंटों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और भविष्य निधि (पीएफ) मद में बढ़ोतरी होगी। वहीं, हाथ में आने वाला पैसा (टेक होम सैलरी) घटेगी लेकिन रिटायरमेंट पर मिलने वाला पैसा बढ़ सकता है। यहां तक कि इससे कंपिनयों की बैलेंस शीट भी प्रभावित होगी।
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